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सर्दियों में ऐसे करें फ्लू से बचाव
February 3, 2019 • Kamla Devi

सर्दियां आते ही जुकाम, खांसी, फ्लू की समस्या शुरू हो जाती है। कफ सिरप, एंटीबायटिक्स ले-लेकर परेशान हो जाते हैं पर क्या आप जानते हैं कि अगर आप अपने इम्यून सिस्टम को सही विटामिन व मिनरल युक्त डाइट देते रहें तो बैक्टीरिया व वायरल इंफेक्शन से सुरक्षा पा सकते हैं। थोड़े-थोड़े दिनों पश्चात् हमारे शरीर में लगभग एक तिहाई इम्यून सेल्स मुक्त हो जाते हैं और इनके बदले हमारे शरीर को स्वस्थ इम्यून सेल्स की आवश्यकता होती है।

यही नहीं, वायरस आक्रमण से निपटने के लिए भी इम्यून सेल्स की ताकत की आवश्यकता होती है और इस ताकत के लिए आवश्यकता होती है, विटामिन व मिनरल्स की। अगर हमारी डाइट में सही पोषक तत्व नहीं हैं तो हम पर बैक्टीरिया व वायरल आक्रमण होंगे और हमारा इम्यून सिस्टम हमें कोई सुरक्षा नहीं दे पाएगा। आइए जानते हैं इम्यून सिस्टम को क्या डाइट दी जाए। जिससे आप सर्दियों में फ्लू, खांसी आदि से सुरक्षा पा सकंे।

फोलेट और विटामिन बी 12:- इम्यून सेल्स के निर्माण में फोलेट और विटामिन बी 12 सक्रिय भूमिका निभाते हैं। बी विटामिन हमारे शरीर की बोन-मेरो फैक्टरी में एक निरीक्षक की भांति सफेद रक्त कणों का निरीक्षण करते हैं व उनकी कार्य क्षमता को बढ़ाते हैं इसलिए सर्दियों में फोलेट और विटामिन बी 12 युक्त डाइट लें। विटामिन बी 12 के अच्छे स्रोत हैं अंडे, दूध, लिवर और फोलेट के पालक, राजमा, दालें, हरी सब्जियां साबुत अनाज, संतरा आदि।

कापर:- हमारे शरीर में सफेद रक्त कणों के शक्तिशाली होने के लिए आवश्यक है उन्हें सही खुराक देना और काॅपर एक ऐसा मिनरल है जो सफेद रक्त कणों के लिए आवश्यक है। काॅपर सफेद रक्त कणों को फेगोसाइटस में परिवर्तित करता है और ये हमारे शरीर में कीटाणुओं को प्रवेश नहीं करने देते। बीन्स, दालें, मेवा, तिल, बाजरा और मछली इसके अच्छे स्रोत हैं।

विटामिन ई:- जब शरीर वृद्धावस्था में पहुंचता है तो कमजोर हो जाता है हमारा इम्यून सिस्टम भी उम्र बढ़ने के साथ-साथ अपना कार्य धीमा करना प्रारंभ कर देता है। 60 वर्ष की उम्र के पश्चात एक स्वस्थ व्यक्ति में साइटो काइन्स बनने कम हो जाते हैं। साइटो काइन्स हमारे शरीर की सुरक्षा के लिए बहुत से हथियार बनाते हैं जैसे मैक्रोफैगस जो वायरस को खत्म करते हैं, नैचुरल किलर सेल्स, जो सेल्स में छुपे आक्रमणकारी को ढूंढ निकाल मार डालते हैं और टी-सेल जो एंटीबाडीस निर्माण करते हैं।

उम्र बढ़ने के साथ-साथ साइटोकाइन्स का निर्माण सही होता रहे, इसके लिए आवश्यक है विटामिन ई युक्त डाइट। एक शोध में जब वृद्ध चूहों को विटामिन ई के स्रोतों का सेवन अधिक कराया गया तो साइटोकाइन्स का स्तर दुगुना पाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार इम्यून सिस्टम की शक्ति के लिए विटामिन ई युक्त डाइट बहुत आवश्यक है और विटामिन ई के अच्छे स्रोत हैं- मछली व मछली का तेल, अंडे, पालक, सीताफल, कैबेज, वेजिटेबल आयल, चिकन आदि। विटामिन ई का सेवन कैंसर हृदय रोगों, फ्री रेडिकल्स से भी सुरक्षा देता है इसलिए विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।

जिंक:- जिंक तो हमारे इम्यून सिस्टम के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक है। यह थायसम ग्लैण्ड, जहां सफेद रक्त कण टी सेल्स में परिवर्तित होते हैं, वहां प्रधान भूमिका निभाता है। टी सेल्स हानिकारक माइक्रोब्स को पहचान उन्हें नष्ट करते हैं। जिंक दालों, राजमा, तिल, बाजरा, खस-खस, सी-फूड में पाया जाता है इसलिए सर्दियों में इसका सेवन अधिक करें।

क्वर्सटिन:- क्वर्सटिन एक प्राकृतिक, वनस्पति कैमिकल होता है, जो फलों व सब्जियों में पाया जाता है। अगर आक्रमणकारी वायरस स्वस्थ सेल्स पर आक्रमण करता है तो वह अपने रास्ते में पीछे-पीछे फ्री रेडिकल्स की पंक्ति छोड़ता है और इन्हें नष्ट करने में क्वर्सटिन महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। क्वर्सटिन युक्त खाद्य पदार्थों में मुख्य है-प्याज़, सेब, काली चाय, लहसुन, बेरी, टमाटर व अंगूर।