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सफल बनने का रास्ता आसान नहीं : सिमरन आहूजा
December 21, 2018 • Tarun Kumar Nimesh
सफल बनने का रास्ता आसान नहीं :
सिमरन आहूजा 
 
हमारा भारतवर्ष बहुत ही मेहनती और ऐसी शख्सियतों का देश रहा है जहां पर मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में  नाम कमाया है और एक दशक से तो एक से एक बढ़कर नाम साने आ रहे हैं और अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्हीं नामों में से एक उभरता नाम सामने आ रहा है, आज तक तारीख में उनका नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं रहा है। जी हाँ हम बात कर  रहे हैं सिमरन आहूजा की। जो आज स्वयं अपनी पहचान बनती जा रही हैं। हम अपने पाठकों के लिए एक ऐसा ही नाम निकाल कर लाए हैं जो दिल्ली से लगे हुये शहर गुडगांवा में पली बढ़ी हैं। 
 
 
सिमरन आहूजा मॉडल होने के साथ-साथ एक अच्छी एक्टर भी हैं। अपनी मेहनत और लग्न से इन्होंने अपना बिजनेस अपने दम पर ही खड़ा किया है। यह गुड़गांव जैसे शहर में पली बढ़ी हैं, बचपन से ही इन्हें बहुत बड़े सपने देखना और बहुत ही अलग करने की सोच, सिमरन की रही है। इन्हें अपनी पहचान बनाने का शौक और जुनून रहा है इन्होंने उसे पाने के लिए दिन-रात की कड़ी मेहनत के साथ बारहवीं कक्षा जो कि एक छोटी कक्षा होती है उसके बाद ही इन्होंने जॉब की, होम ट्यूशन भी दिए, और साथ ही साथ अपनी पढ़ाई पर भी निरंतर ध्यान दिया।
 
 
2014 से इन्होंने इवेंट आॅगेर्नाइजर का काम शुरू किया जैसे कि मैरिज इवेंट, कॉरपोरेट इवेंट, प्रमोशन व अन्य कई प्रकार के इवेंट्स पर उन्होंने फोकस किया। इसके साथ सिमरन ने शूट लाइन में भी जूनियर एक्ट्रेस व कई अन्य तरह के रोल भी किए हैं। मूवी सीरियल्स, एल्बम्स के साथ में स्नैपडील, अमेजॉन के लिए मॉडल के रूप में भी काम किए।  जीजान लगाकर मेहनत से काम किया - छोटा हो या बड़ा इन्होंने उसे ईमानदारी से उसे सफल करने की कोशिश की। 
 
 
धीरे-धीरे सिमरन का उत्साह और आत्मविश्वास दोनों ही बुलंदियों को छूने लगा, इन्होंने कई चुनौतियों का सामना भी किया और चुनौतियों का सामना करने के बाद उन्होंने मॉडलिंग कैरियर को अपना फैशन बना लिया और इन्होंने रॉयल करवा में मिस मटका किताब, रेडियंस ग्रुप 2018 की ब्रांड अंबेस्डर और फेस आफ रेडियंस रहीं, उसके बाद इन्होंने लॉरिअल, नार्थ ईस्ट कलर ट्रॉफी में नार्थ हीस्ट फर्स्ट रनर कप जीता और फाइनल राउंड के लिए लॉरिअल की साइड से इंडिया को रिप्रेजेंट भी कर रही हैं। ये तो बस शुरूआत है इनके कैरियर की, पता नहीं कितने ऊंची उड़ाने अभी बांकी हैं,  इनकी कड़ी मेहनत ही इन्हें और भी ऊंचाइयों पर ले कर जाएगी, जहां से पूरी दुनिया इनके लिए बहुत छोटी नजर आएगी।