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दिल भी अड़ गया है बच्चे की तरह... : पूनम सप्रा
April 29, 2019 • Bhupender Nimesh

कहते हैं लड़की की शादी हो जाये तो उसका विकास रूक जाता है वो अपने बारे में ना सोचकर परिवार और घर में उसकी जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। मगर बहुत कम महिलायें होती हैं तो अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुये अपने सपनों को जिंदा रखकर उनको पूर करने की जिद कर निकल पड़ती हैं और पूरा कर दिखाती हैं अपने सपने को। इस बार हम ऐसी ही शख्सियत को अपने पाठकों के लिए लेकर आयें हैं, जी हाँ हम बात कर रहे हैं पूनम सप्रा की, जो मध्यप्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली हैं, जिन्होंने हाल ही में मिसेज इंडिया 2018 जीता है। एक भेंटवार्ता के दौरान आपकी सेहत पत्रिका के वरिष्ठ पत्रकार भूपेन्द्र निमेष ने पूनम सप्रा से साक्षात्कार किया। प्रस्तुत हैं साक्षात्कार के कुछ विशेष अंश :-


पूनम जी आप हमारे पाठकों को अपना पूरा परिचय दें?
मेरा नाम पूनम सप्रा है, मैं मध्यप्रदेश के दिल कहे जाने वाले शहर ग्वालियर की रहने वाली हूं। प्रोफेशनली मैं एक फैशन डिजाइनर हूँ, मिसेज इंडिया 2018 में टू टाइटल विनर हूँ, प्राइड आॅफ मध्यप्रदेश और पीपुल्स च्वाईस अवॉर्ड जैसे सम्मानों से सम्मानित भी हो चुकी हूँ।


पूनम सप्रा जी आपकी शिक्षा कहां से हुई और आपने कब अपने जीवन का लक्ष्य तय किया?
मैंने अपनी प्राथमिक शिक्षा नासिक महाराष्ट्र से की है, बी.टी.ई. (बोर्ड आॅफ टेक्निकल  एग्जामिनेशनल, ओरंगाबाद मुम्बई बोर्ड), डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग, उसके बाद मैंने एनआईएफडी (नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ फेशन डिजाइनिंग) में पांच साल काम किया है, एस हेड आॅफ डिपार्टमेंट आॅफ फैशन डिजाइनिंग और आज मैं अपना फ्रीलांसर काम कर रही हूँ एक फैशन डिजाइनर के रूप में।


पूनम सप्रा जी सफलता और जिस मुकाम पर आज आप हैं उसे पाने के लिए आपने क्या किया और उसमें मुख्य भूमिका किसकी रही?
जीवन के इस मोड पर आने के पश्चात मॉडल फिगर बनना है, मैं एक रोल मॉडल बनना चाहती हूँ, एक और हमेशा से ऐसा बनना चाहती है, मैं ये नहीं कह रही हूँ कि मैं मदर टेरेसा बन जाऊँ, लेकिन एक ऐसा इंसान बनना चाहती हूँ, जिसे लोग देखकर ये सोचें कि हाँ हमें भी कुछ लाइफ में ऐसा करना चाहिये।  आज भी बहुत सारे ऐसे हेल्पलेस बच्चे हैं, जिनको पढाई करने के लिए कोई माध्यम नहीं मिल रहा है। मैं उन बच्चों को शिक्षा देना चाहती हूँ क्योंकि शिक्षा से बढ़ा कोई ज्ञान नहीं है। अगर हम शिक्षित हैं तो लायक है और लायक है तो हम अपने आपको कहीं सैट कर सकते हैं, उसके लिए अपने साथ आपको कुछ भी ले जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप अपने आपमें सम्पूर्ण हैं।


पूनम सप्रा जी आप जिस मुकाम पर हैं और लोग आपको यह देख कर मिसेज इंडिया कहते हैं, आपको कैसा महसूस होता है?
सफलता पाने के लिए मेरे परिवार ने, मेरे दोस्तों ने, मेरे बच्चों ने और मेरे हसबैंड ने बहुत सपोर्ट किया है। जैसे कि हमेशा लोग कहते हैं कि एक कामयाब इंसान के पीछे एक औरत का हाथ होता है ठीक उसे विपरित मैं कह सकती हूँ कि मेरे कामयाब होने के पीछे मेरे पति का हाथ है। मेरे हसबैंड अनिल सप्रा, मेरे बच्चे रोहन सप्रा - रूचि सप्रा और सभी फैमिली मेम्बर मेरे मदर ने, मेरी इनलॉज ने मुझे बहुत सपोर्ट किया है। आज जहां कहीं भी मैं स्टैण्ड करती हूँ वो सब इन्हीं लोगों की वजह से है। एक लेडी होकर, एक शादी शुदा औरत होकर, खुद को स्टेब्लीज उतना ही मुश्किल है होता है, यदि लड़की सोचे तो फिर भी आसान होता है मगर एक महिला सोचती हैं तो उसके बाद परिवार की बहुत सी जिम्मेदारियां भी साथ होती हैं। ऐसे में यदि उस महिला के साथ उसके घर वालों हो तो उसका सफर बहुत आसान हो जाता र्है। इसी बीच बहुत से लोगों ने मुझे सवाल जवाब किये मगर मेरी जिंदगी का ये दौर बहुत खूबसूरत रहा और रहेगा।


पूनम सप्रा जी आपने अपने जीवन के लक्ष्य को तय किया, उसे पाने के लिए आपने दिन रात मेहनत की, क्या अभी वह सपना अधूरा है?
आज मैं जिस मुकाम पर हूँ उस मुकाम को हर कोई चाहता है, कि उसकी अपनी पहचान हो, ये लाइनें मैंने मिसेज इंडिया बनने के दौरान कहीं थी और हमेशा कहती भी हूँ कि -


दिल भी अड़ गया है बच्चे की तरह जिद पर मेरा
या तो सब कुछ मुझे चाहिये या कुछ भी नहीं


और जहां तक मुकाम की बात है, तो पिक्चर अभी बाकि है मेरे दोस्त, बहुत सारी चीजें लाइफ में करना चाहती हूँ, एक्टिंग का बहुत शोक रहा है बचपन से यदि मौके मिले तो जरूर करना चाहूंगी, और बहुत सारे चीजें हैं जो लाइफ में करना चाहती हूँ। नाकाबिल बच्चों को शिक्षा प्रदान कराना चाहती हूँ, हर चीज के लिए अपने आपको काबिल बनाकर दुनिया के सामने रख सकते हो, जब काबिल होते हैं, जानते हैं तो लोग आपको फोलो करते हैं और सपोर्ट भी करते हैं, यदि आप अच्छा काम कर रहे होते हैं तो आपका साथ भी देते हैं। नाम मैं इसीलिए नहीं कमाना चाहती है मैं फैमश हो जाऊ, नाम इसी लिए कमाना चाहती हूँ कि इस नाम से जुड़कर और बहुत से नाम इसमें जुड़े, बहुत अच्छे काम करें, बैटर सोसायटी बना सकें, एक एजुकेटिड  सोसायटी बना सकें जिसमें गरीब बच्चों को मदद कर सकें और एक दिन ऐसा आयेगा जब ये सब मुमकिन होगा।
जहां तक सपने की बात है मैंने जो सपना देखा वो पूरा हुआ ही नहीं, पूरा हुआ अपने सिर पर एक ताज देखने का, एक नहीं दो दो ताज मिले थे, जिन्हें पाकर बहुत खुशी हुई, हर लड़की ये चाहती है लाइफ में कि वो रिकोगेनाइज हो, वो दुनिया की पहचान बने। लेकिन अभी भी वो चीजें बाकि हैं, आज सिर्फ इंडिया में जीता है कल अगर मौका मिले तो बाहर जाकर देश का नाम रोशन करना चाहती हूँ। लोग प्रॉउड महसूस करें कि महिला इस मुकाम पर है तो हम भी इस मुकाम पर पहुंच सकते हैं। और बहुत से औरतें हैं तो सिर्फ सोचकर रह जाती हैं कि उन पर घर की जिम्मेदारियां हैं, बच्चे हैं, फैमिली हैं इन सब चीजों के साथ किस प्रकार करें? सभी लेडिज को एक मैसेज देना चाहती हूँ कि आप कर सकते हो, आप लायक हो, आज शायद भगवान हर जगह नहीं है इसीलिए उसने महिला को बनाया है, ताकि वो हर जगह उनकी कमी को पूरा कर सके। सपने अभी और बाकि है जिन्हें मैं पूरा करना जरूर चाहूंगी हूँ।


पूनम सप्रा जी सबसे ज्यादा सपोर्ट और सहयोग किनसे मिला?
सबसे ज्यादा सपोर्ट मेरे बच्चों और हसबैंड ने किया। मिसेज इंडिया के लिए ऐसी कोई प्लानिंग नहीं थी, बैठे बैठे फार्म फिल किया, अगले ही दिन रिसपांस आ गया कि आप का इंटरव्यूह है, मैंने अपने बच्चों से बात की कि मुझे नहीं जाना चाहिये मगर, बच्चों की पढाई है, कैसे एडजेस्ट करेंगें,  बच्चों ने जवाब दिया कि इतने सारे लोगों में आपको अगर चुन रहे हैं तो कोई तो बात होगी, आप लायक हैं आपको जाना चाहिये, तो मैं सोचती हूँ कि हर इंसान लायक होता है उसको बस मौका मिलना चाहिये। आजकल तो बहुत सारी चीजें हैं अपने आपको ट्रेंड करने के लिए, ये सब आप तब कर सकते हैं जब आप अपने मांइड से तैयार हों। लाइफ में कुछ भी इम्पोसिबल ना था, ना है और ना होगा। तो ये सब बहुत आसान भी नहीं हैं, बहुत कठिन भी नहीं है ये सिर्फ एक माइंड गेम है कि आपको अपने आप से डिसाइड करना है कि आपको करना क्या है?


पूनम सप्रा जी आप किसे अपना आदर्श मानती हैं तथा किस फिल्म स्टार की तरह बनना चाहती हैं?
जीवन में रोल मॉडल कहूंगी तो सब लोग कहेंगे कि अफकोर्स मदर टेरेसा, क्योंकि उनके जैसा शायद ही कोई था । मदर टेरेसा नाम के आगे मदर इसीलिए लगा है क्योंकि वे सभी की मदर थीं। जिस प्रकार माँ अपने बच्चे को प्यार करती है उसी प्रकार उन्होंने सभी को प्यार दिया है। डैफिनेटली वे ही मेरी लाईफ की इंस्पायर रहेंगी। और जहां तक एक्टर्स का सवाल है माधुरी दीक्षित मेरी लिए मोटिवेशन और इंस्पेरेशन दोनों ही हैं, उनके जैसा डांसर दुनिया में कोई नहीं है। मुझे डांसिग का बहुत शौक है, मैं जुम्बा और डांस दोनों ही सीखती हूँ, माधुरी जी जब एक्सपेरेशन के साथ डांस करती हैं तो सभी की आंखें उन पर होती  हैं। डांस और एक्टिंग ऐसी फोर्म है जिसे आप रोते हुए को हंसा  देते हो। एक्टिंग को करना चाहती हूँ मगर माधुरी दीक्षित तो बड़ा नाम है, फिर भी यदि मौका मिलेगा तो एक्टिंग में भी अपने को साबित करूंगी।


पूनम सप्रा जी आपको कौन-कौन से सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है?
मिसेज इंडिया बनने के बाद बहुत जगह बुलाकर सम्मानित किया गया, सभी दोस्तों ने, रिश्तेदारों ने, स्कूल कॉलेजों ने, बहुत सम्मान दिया। डीडी नेशन पर भी मेरा इंटरव्यू भी हुआ था, बहुत ही अच्छा और बहुत ब्यूटीफुल सफर रहा है मेरा, जिसे में शब्दों में बंयान नहीं कर सकती, उसी सफर में ऐसे दोस्त बनें जो जिंदगी भर के लिए दोस्त बन गये। इंडिया और बाहर से लोग आये थे, बहुत सी बड़ी पर्सनेलिटी भी आयी थी जैसे पूनम ढिल्लो और महिमा चौधरी आयी थीं। एक बहुत ही वण्डरफुल प्लेटफार्म था, आई थिंक जो उनकी डायरेक्टर आॅफ मिसेज इंडिया क्वीन आॅफ सब्सटेंस हैं रितिका विनय और विनय  यादवा, दे आर वण्डरफुल पीपुल्स, वे सभी लेडिज को एक प्लेटफार्म दे रहे हैं, वे लोग इमेजिंग भी नहीं कर सकते।  हाल ही मैं वो ग्वालियर भी आये थे, उन्होंने बच्चों के ऊपर एक कांटेस्ट का आयोजन रखा था जिसमें मैं एज ए जज बनी थी।


पूनम सप्रा जी जितनी भी कार्य किए हैं उनमें से आपके लिए सबसे बेस्ट और सबसे अच्छा कार्य और अनुभव कौन सा रहा?
अब तक जितने भी कार्य किये थे उसमें मिसेज इंडिया बेस्ट कार्य रहा है, जिसने में अस्तित्व को बहुत बड़ी पहचान दी है। आज बहुत लोग जानते हैं, मिसेज इंडिया 2018 के नाम से, प्राइड आॅफ मध्यप्रदेश के नाम से, सोसायटी में एक पहचान मिलना बहुत बड़ी बात है, लोग बहुत साल और समय लगा देते हैं यहां तक पहुंचने में, मेरे मुताबिक ये एक बेहतरीन प्लेटफार्म है यदि आपमें योग्यता है तो आप इसके माध्यम ये खड़े हो सके हैं अपनी पहचान बना सकते हैं।


पूनम सप्रा जी आप आने वाली पीढ़ी को कोई ऐसा संदेश देना चाहेंगी जिनसे वह प्रेरित हो सके।
आने वाली पीढ़ी को एक इम्पोर्टेंट संदेश देना चाहूंगी कि - स्टे फिट, स्टे हैल्दी क्योंकि अगर आप फिट हो, हैल्दी हो तो आपका माइंड और बॉडी दोनों ही हैल्दी रहेंगी। लाइफ में अपने टारगैट सैट कीजिए आपको कोई भी हरा नहीं सकता। जब आप किसी चीज को पाने की दिल से कोशिश करते हैं तो पूरी कायनात थी आपका साथ देती है। और जो हमेशा मैं कहती हूँ कि -  दिल भी अड़ गया है बच्चे की तरह जिद पर मेरा, या तो सब कुछ मुझे चाहिये या कुछ भी नहीं, बस जिस दिन आप ये तय कर लेंगे कि मुझे सब कुछ चाहिये आप डैफिनेटली पूरी तरह से पा लेंगे।