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टैरेस गार्डन बनाएं प्यारा सा
December 13, 2018 • Tarun Kumar Nimesh

टैरेस गार्डन बनाएं प्यारा सा

मेट्रो सिटीज में जगह की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बड़े-बड़े शहर कंकरीट जंगल बनते जा रहे हैं। जहां देखो बहुमंजिले अपार्टमेंट बनते जा रहे हैं। ऐसे में फ्लैटों में रहने वाले लोग हरियाली या बगीचे के लिए तरसते रहते हैं।
इनमें से बहुत से लोग अपनी बाॅलकनी में थोड़े गमले रख मन को तसल्ली दे लेते हैं और कुछ जो गार्डनिंग के बहुत शौकीन होते हैं वे घर के बाहर इस शौक को पूरा कर लेते हैं। कुछ जो सबसे ऊपर वाले तल पर रहते हैं, वे छत पर टैरेस गार्डन बना लेते हैं।
घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए रंग-बिरंगे फूलों का योगदान हमेशा से रहा है, फिर क्यों न हम छत का प्रयोग कर रंग-बिरंगे फूलों के साथ कुछ सब्जियां भी लगा कर घर की खूबसूरती को चार चांद लगा सकते हैं। छत पर गार्डन बनाते समय आवश्यकता होती है कुछ खास बातों की कि छत पर पौधों को पानी देने से सीलन न आ जाए और छत का सरिया जंग खाकर छत को कहीं कमजोर न बना दें।

बीज बोते समय बरतें सावधानी -

- जब मिट्टी में बीज डालें, ध्यान दें मिट्टी में नीम की सूखी पत्तियां मिला लें ताकि कीड़ा न लगने पाए।
- अब बीज बो दें।
- जब बीज फूट कर कुछ पत्तियां आनी प्रारम्भ हो जाएं तो राख में डीडीटी मिलाकर छिड़काव करें।
- छत पर बने गार्डन में पानी से थोड़ा-थोड़ा छिड़काव करें ताकि पानी छत पर रूके नहीं।
- खाद के रूप में गोबर और बिनौले की खली का प्रयोग करें।
- कभी भी नया पौधा या बीज लगाएं तो खाद पहले अवश्य डालें।
- जंगली घास की सफाई साथ-साथ करते रहें।
- घर पर कांटेदार पौधे न लगाएं।
- टैरेस गार्डन में आप सीजनल फूलों के पौधे लगा सकते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ सब्जियां जैसे हरी मिर्च, भिंडी, टिंडा, तोरी आदि भी लगा सकते हैं। छत का कुछ भाग खाली रखें ताकि आप उस गार्डन का आनंद उठा सकें। पौधों पर हरी नेट की चादर लगवा लें ताकि पक्षी पौधों को नुकसान न पहुंचा सकंे।

 

ध्यान दें कुछ बातों पर -
- छत की सफाई सबसे पहले कर लें। छत पर कुछ भी कबाड़ न रह जाए, इस बात का ध्यान रखें।
- छत पर तारकोल फैला दें।
- तारकोल के बाद छत पर दो तह पाॅलिथीन की बिछा दें ताकि पानी छत में न जाने जाए।
- बगीचे के लिए मध्यम टैक्सचर वाली मिटटी का प्रयोग करें।
- पाॅलिथिन पर बालू, काली और दोमट मिटटी को मिलाकर बिछाएं।
- मिट्टी की ऊंचाई लगभग 9 से 12 इंच होनी चाहिए। अधिक मोटी या पतली परत न बिछाएं।
- मिट्टी बिछाने के बाद चारों तरफ मेड़ बना लें ताकि छत की दीवारें सुरक्षित रहें। अब आपके बगीचे की मिट्टी का काम पूरा हो गया है।