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जो जैसा है उसे वैसा ही पसंद करो : मीनाक्षी
February 21, 2019 • Gaurav Jain

आज के इस फैशन भरे दौर और भागमभाग भरी दुनिया में यदि कोई सफल नजर आता है तो उसके लिए लोगों का कहना आसान होता है कि वो आज सफल है मगर उस सफलता के पीछे उस शख्स की कितनी मेहनत और कितने त्याग हैं वो सिर्फ वो शख्स ही जानता है, उसने इस मुकाम को पाने के लिए कितनी मेहनत और क्या-क्या त्यागा है।  सफलता के उसी मुकाम पर आज हम एक ऐसा ही नाम बता रहे हैं जिन्होंने लड़कियों और महिलाओं की वर्तमान स्थिति को समझते हुए अपना पैशन भी बदला, जी हाँ वो नाम है - मीनाक्षी गौरव पसरिचा जी का।

मीनाक्षी गौरव पसरिचा फैशन ब्रांड लॉजिनो (LOZANOO) जैसी नामी संस्थान की संस्थापक व डायरेक्टर हैं और ये मिसेज इंडिया मोस्ट चारमिंग फेस 2018 भी रही हैं। इनकी सोच है कि हर एक लड़की और औरत बहुत ही खूबसूरत होती है इसीलिए लॉजिनो (LOZANOO) हर बॉडी टाइप की लड़की को फैशनेबल कपडे पहनने चाहिये और आत्मविश्वास रखना चाहिये। मीनाक्षी वैसे शुरूआती दौर में पिछले 8 वर्षों से बोटनी की लेक्चर्र रहीं थीं, लेकिन उनका पैशन हमेशा से ही फैशन लाइन में आने का था। लडकियों के लिए कुछ करने की पक्का मंसूबा था तभी इन्होेंने ठाना और अपना फैशन ब्रांड लांच किया।

मीनाक्षी एक छोटे से गांव से पली बढ़ी हैं मगर ब्रांड फैशन लॉजिनो (LOZANOO) लांच कर वो चाहती हैं कि हर जगह की लडकियाँ फैशनेबल क्लोथ पहनें, अच्छा स्टाइल अपना सके, अच्छी क्वालिटी इस्तेमाल कर सके, इसलिए उन्होंने अपने ब्रांड के कपड़ों की कीमत बहुत ही कम रखी है।  लॉजिनो (LOZANOO) ने कई फैशन शो भी करवायें है जिसमें हर बॉडी टाइप की लड़की और महिलाओं को लॉजिनो (LOZANOO) ड्रेसिस में वॉक करने का मौका दिया है। मीनाक्षी का यही मानना है कि किसी भी ब्रांड की सफलता उसके प्रोडक्ट की क्वालिटी और कस्टमरों की पूर्ति से होती है और इसी तरह की कई खूबियों से भरपूर लॉजिनो बहुत कम बजट में पेश करता है। लॉजिनो द्वारा आयोजित फैशन शौ में लॉजिनो ने 3 विजेताओं को चुना जिसमें मिसेज लॉजिनो का खिताब भी दिया गया और लॉजिनो की तरफ से गिफ्ट हैम्पर और क्राउन भी दिये गये।

लॉजिनो (LOZANOO) द्वारा तैयार की गयी ड्रेस को मिसेज अंशु वारशने जो कि मिसेज इंडिया रनरअप 2018 रहीं ने पहना। अंशु ने बताया कि आज के इस दौर में लॉजिनो इतने कम दामों पर लाजवाब स्टाइल, क्वालिटी और कम्फोर्ट तरह से मुहैया करा रहा है बहुत ही अच्छी और बड़ी बात है। साथ ही हर वर्ग की महिलाओं के लिए तरह तरह के प्लेटफार्म भी मुहैया करा रहा है।

लॉजिनो (LOZANOO) दिल्ली एनसीआर में 24 घंटे की सर्विस मुहैया करा रहा है। लॉजिनो अपने आप में पहली ऐसी वेबसाइट है जो अपने कस्टमरों से व्हाटसअप के जरिये जुड़ी रहती है। लॉजिनो कस्टोमाइज की आउटफिट बहुत ही पापुलर हो रही है क्योंकि बहुत ही कम बजट में जैसा आपको चाहिये ठीक उसी प्रकार आपको तैयार करके दिया जाता है। 

आपकी सेहत पत्रिका के वरिष्ठ सम्पादक गौरव जैन ने लॉजिनो (LOZANOO) की डायरेक्टर व संस्थापक  मीनाक्षी गौरव पसरिचा से साक्षात्कार किया। प्रस्तुत हैं साक्षात्कार के कुछ विशेष अंश :-

मीनाक्षी जी आपने कैरियर की शुरूआत कहां से की?
मैंने अपनी कैरियर की शुरूआत टिचिंग से की।

आपकी प्राथमिक शिक्षा कहां से हुई और आपने किस मोड़ पर अपने जीवन का लक्ष्य तय किया?
मेरी प्रारम्भिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश से हुई है। मैंने अपने स्कूल, कॉलेज में बहुत सारी स्पीच कम्पीटीशन में स्टेट लेवल तक पार्टिसिपेट किया। हिमाचल के 10 टोपरों में आना, स्कॉलरशिप मिलना, पोस्ट ग्रजुऐट में टॉपर रहना। लेकिन जीवन में मैं कुछ बड़ा करना करना चाहती थी अपने दम पर। मेरा निर्णय था कि मुझे जॉब नहीं करनी थी मुझे बॉस बनना था। फैशन इण्डस्ट्रीज ने मुझे बचपन से ही आकर्षित किया है।


मीनाक्षी जी आज आप जिस मुकाम पर हैं उसने पाने के लिए आपने क्या किया और उसमें मुख्य भूमिका किसकी रही?
मेरे सपनों को उड़ान दी मेरे पति गौरव ने, उन्होंने मिसेज इंडिया में पार्टिसिपेट करने को प्रोत्साहित किया और सपोर्ट भी। इतना ही नहीं मेरे ब्रांड लॉजिनो को लांच करने में मुझे सपोर्ट किया। शादी से पहले मेरे परिवारवालों ने मुझे एक अच्छी शिक्षा दी जिसकी बदौलत मैं इंडीपेंडेंट बनी और शादी के बाद मेरे पति ने मेरे सपनों को उड़ान दी।


आज आप जिस मुकाम पर हैं और आज लोग आपको जानते हैं यह देख कर आपको कैसा महसूस होता है?
मैं अपने स्कूल कॉलेज में बहुत सिम्पल साधारण सी लड़की होती थी, जिसको पढाई के अलावा शायद कुछ नहीं आता था, ना कोई फैशन सैन्स, ना अच्छी इंग्लिश क्योंकि विलेज के स्कूल्स में आपको उस समय इतनी सुविधायें नही मिलती थीं, लेकिन आज वही लोग जो मुझे देखते हैं और बात करते हैं उनको हैरानी होती है आज मैं एक सफल हाउस वाइफ होने के साथ एक इंडीपेंडेंट लेडी हूँ। मैंने अपने जीवन में यही सीखा है कि नामुमकिन कुछ नहीं होता अगर आप सच में कुछ हासिल करना चाहो।


जीवन में जो तय किया और उसे पाने के लिए आपने दिन रात मेहनत की, क्या अभी वह सपना अधूरा है?
सपना अभी पूरा नहीं हुआ अभी बहुत कुछ करना बाकी है लेकिन ये भी नहीं है कि सपना पूरा नहीं होगा। मेहनत करने के साथ आपकी सोच का पॉजिटिव होना भी बहुत जरूरी होता है।


आपको अभी तक कौन-कौन से सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है?
स्कूल कॉलेज में मैं हमेशा अव्वल रहती थी बहुत सारी स्कॉलरशिप मिली है लेकिन मिसेज इंडिया क्वीन की मैं फाइनेलिस्ट रहना और मोस्ट चार्मिंग फेस का क्राउन विन करना मेरा आत्मविश्वास बढ़ाता गया।


आपके जीवन के रोल मॉडल कौन है तथा आप किस फिल्म स्टार की तरह बनना चाहती हैं?
रोल मॉडल मैं अपने लिए खुद ही हूँ और अगर मैं खुद को देखूँ तो एक ही शख्सियत है जिसे मैं रोल मॉडल बोल सकती हूँ कंगना रानौत, क्योंकि लाइफ में जो शायद उन्होंने अपने जीवन में जो संघर्ष किया वैसा ही संघर्ष मैंने भी अपने जीवन में किया।  एक छोटे से गांव से जब आप बाहर निकलते हो तो क्या फेस करते हो। हाँ मुझे कोई स्टार नहीं बनना मगर एक सफल बिजनेस वूमेन जरूर बनना है।


जिदंगी में आपने बहुत कार्य किए हैं उनमें से आपके लिए सबसे बेस्ट और सबसे अच्छा कार्य और अनुभव कौन सा रहा?
सबसे बेस्ट काम होता है जब आप दूसरों के लिए कुछ ऐसा करते हो जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान आती है , उससे अच्छा काम कुछ और नहीं हो सकता।


आप आने वाली पीढ़ी को कोई ऐसा संदेश देना चाहेंगी जिनसे वह प्रेरित हो सके।
आने वाली पीढ़ी से पहले हमारी पीढ़ी देना चाहूंगी। हाँ आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ बचेगा नहीं, हमें चाहिये की प्राकृतिक चीजों का हम इस्तेमाल बहुत ही सही तरीके से करें। आने वाली पीढी और इस पीढ़ी के लिए यही संदेश है कि माँ का सम्मान करें। खासकर उन बच्चों के लिए जो विलेज से सिटी में पढ़ने के लिए आते हैं, अपना आत्मविश्वास को ना खोने दें। हमारी पहचान भाषा से नहंी होती है, हमारी काबिलियत से होती है और भाषा काबिलियत निर्धारित नहीं करती है, इंग्लिश सीखों हर भाषा सीखों परन्तु अपनी लोकल भाषा और हिन्दी को ना भूलो। बहुत सारे लोग और बच्चे इंग्लिश की वजह से अपना टैलेंट आगे नहीं ला पाते। भाषा आपका स्टेटस सिम्बल नहीं है आपका टैलेंट ही आपका स्टेटस है। जो जैसा है उसे वैसा ही पसंद करो।