ALL HEALTH BEAUTY INTERVIEW
चाॅकलेट का साथ बना रहे जिंदगी मंे
February 3, 2019 • Tarun Kumar Nimesh


बच्चों की पहली पसंद बनी चाॅकलेट सिर्फ मुंह का ही स्वाद नहीं बढ़ाती बल्कि कई बीमारियों से भी बचाती है। अब वैज्ञानिकांे का मानना है कि अगर एक चाॅकलेट रोज खाई जाए तो व्यक्ति लंबी उम्र तक स्वस्थ रह सकता है।

आमतौर पर माना जाता है कि लोग इसके अच्छे स्वाद के कारण पसंद करते हैं जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि चाॅकलेट शरीर को संतुष्टि प्रदान करने वाले कारकों को बढ़ाती है अब चाहे वह संगीत सुनना हो, लाॅटरी जीतना हो या प्यार करना।

अमेरिकन यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार चाॅकलेट में पाए जाने वाले कोको से हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा कम होता है। कोको में अत्यधिक मात्रा में एंटी आॅक्सीडेंट होते हैं जो हृदय की बीमारियों में लाभदायक होते हैं। चाॅकलेट में प्रयुक्त एक केमिकल दवाओं से ज्यादा और जल्दी गले की खराश और कफ को ठीक करता है।

लंदन के बाॅयोकैमिस्ट बताते हैं कि एक डार्क चाॅकलेट के बराबर एंटीआॅक्सीडेंट प्राप्त करने के लिए 28 गिलास मदिरा, 6 सेब, 17 गिलास आॅरेंज जूस और 2 गिलास रेड वाइन की आवश्यकता पड़ती है। चाॅकलेट में पाॅलीफेनाल होता है जो कैंसर जैसी घातक बीमारियों से रक्षा करता है।

चाॅकलेट रक्त के थक्के जमने और स्ट्रोक होने से लोगों का बचाव करती है। 25 ग्राम ब्रेड और 25 ग्राम चाॅकलेट के टुकड़े दो लोगों को खिलाए जाने के आठ घंटे बाद रक्त जांच कराने पर पता चला कि चाॅकलेट खाने वाले व्यक्ति के रक्त गाढ़ा होने की गति कम थी जबकि ब्रेड खाने वाले व्यक्ति में अधिक। शोध में यह भी पाया गया कि चाॅकलेट का काम एस्प्रिन टेबलेट जैसा है जो रक्त को गाढ़ा होने से बचाता है।

अध्ययन में पाया गया है कि चाॅकलेट में कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जो रक्तचाप को नियंत्रित रखते हैं। यह खतरनाक केमिकल्स को खत्म कर बढ़ती उम्र को रोक कर बहुत-सी बीमारियों से राहत दिलाता है।

अधिकतर डाइटीशियन अब मानते हैं कि वजन कम करने या संतुलित करने के लिए अपने पसंदीदा खाद्य पदार्थ का त्याग सही नहीं है। हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम पौष्टिक खाना ग्रहण करें और कभी-कभी पसंद की चीज ज्यादा खाएं। वजन संतुलित या कम करने के लिए यह ध्यान रखें कि आप सही चाॅकलेट चुन रहे हैं या नहीं। एक किंग साइज बार में 452 कैलोरीज होती हैं लेकिन कुछ कम कैलोरी युक्त भी होती हैं जिनमें कम से कम 100 कैलोरी होती हैं जो बिल्कुल ठीक है बशर्ते आप एक दिन में एक ही खाएं।

एक दूसरा तरीका, जिसमें चाॅकलेट के स्वाद के साथ कम कैलोरीज ग्रहण की जा सकती हैं वह है चाॅकलेट ड्रिंक पाउडर जिसके एक कप में सिर्फ 40 कैलोरीज होती हैं। चाॅकलेट में फ्लेवनाड्स होते हैं जो हृदय और धमनियों को क्षति पहुंचने से बचाते हैं।

नई खोज से पता चलता है कि डेयरी प्रोडक्ट शरीर को ज्यादा पौष्टिक मात्रा देते हैं क्योंकि उसमें न्यूट्रीएंट्स की अधिक मात्रा होती है। एक प्रयोग के दौरान 12 लोगों को मिल्क चाॅकलेट पिलाया गया जिनमें से 7 महिलाएं और 5 पुरूष थे। नतीजा यह निकला कि मिल्क चाॅकलेट पीने वालों को डार्क चाॅकलेट खाने वालों से दोगुना पीना पड़ा जिससे उन्हें बराबर मात्रा में कैलोरी मिल सके।