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ग्रीन टी : चाय जो नुक्सान नहीं लाभ पहुंचाती है
February 26, 2019 • Dr. Dinesh Pal

भारत में आज कॉफी ट्रेंड ने दस्तक दे दी है। वैसे हमारे यहां ज्यादातर युवा कॉफी के दीवाने पहले से रहे हैं। ऑफिस की मीटिंग से लेकर डेटिंग तक एक कप कॉफी के साथ की जा रही है। यहां तक कि बिग-बॉस सीजन छह में भी कॉफी के लिए कितने लड़ाई-झगड़े हुए फिर भी कॉफी के बढ़ते प्रचलन में भी एक कप अच्छी चाय ने अपनी जगह बरकरार रखी है। सुबह की शुरुआत से लेकर दिन का अंत भी चाय की चुस्की के साथ ही होता है। पानी के बाद चाय दूसरा पेय पदार्थ है, जो हर दिन लगभग पूरी दुनिया में 18 अरब कप पिया जाता है। पूरे दिन शरीर में स्फूर्ति और ऊर्जा के लिए एक कप चाय की हर एक को तलब लगी रहती है। चाय के कई ब्रांड मार्केट में मौजूद हैं। चाय का स्वाद बेशक अलग हो, पर काम लगभग एक जैसा ही है। चाय के कुछ हेल्दी रूप भी बाजार में उपलब्ध हैं, जैसे ग्रीन टी, व्हाइट टी और ऑरगेनिक टी वगैरह। चाय में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिससे यह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से लड़ने में भी मदद करता है। ग्रीन टी और व्हाइट टी में ऐसे एंटी-आक्सीडेंट पाए गए हैं, जिससे स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़े का कैंसर होने का खतरा कम होता है। एक शोध में यह पाया गया है कि ग्रीन टी मेटाबोलिक रेट को बढ़ाती है और शरीर में मोटापा भी नहीं आने देती। कैफिन के साथ-साथ ग्रीन टी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जिससे शरीर में कैलरी तेजी से कम होती है और व्यक्ति ज्यादा ऊर्जावान महसूस करता है।


जो लोग अपना वजन कम करने के लिए व्यायाम करते हैं उनके लिए ग्रीन टी सबसे बेहतर विकल्प है। सर्दियों की ठिठुरन में जब व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ता है, तो एक प्याली चाय ही उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करती है। चाय न सिर्फ अच्छी सेहत देती है, यह हर पल आपके साथ होती है। खुश हो तब, उदास हों तब भी। सुस्ती छाई हो तो बस एक प्याली चाय आप में जोश भर देती है।


ग्रीन टी न सिर्फ ताजगी देती है बल्कि एक चाइनीज और भारतीय परम्परा में दवा का भी काम करती है। ग्रीन टी का इस्तेमाल एक उत्तेजक के रूप में भी किया जा सकता है। जिस व्यक्ति को यूरिन की परेशानी होती है, उनके लिए ग्रीन टी बेहद फायदेमंद है। दस्त, डायरिया में भी चाय कारगार साबित होती है। दिल को स्वस्थ रखने में भी चाय बेहतर काम करती है। ग्रीन टी के और भी कई फायदे हैं जैसे बॉडी का तापमान और ब्लड शुगर नियंत्रित रखना, डाइजेशन और मेंटल प्रोसेस बेहतर करना वगैरह। व्हाइट टी में और चाय के मुकाबले कैफिन की मात्रा कम होती है। यह चाय त्वचा को चमकदार और शरीर को ठंडा रखती है। इसे डिटॉक्स के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। ग्रीन टी को लेकर आम भारतीय परिवारों में थोड़ा संकोच रहता है। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर लोगों को दूध की चाय की आदत है। लेकिन ग्रीन टी की खूबियां जानने के बाद लाखों परिवारों ने इसे अपनाया है। वैसे इसे बनाना भी कोई मुश्किल नहीं। एक बार पी लेने के बाद हर कोई इसका मुरीद बन जाता है। इसका लुत्फ सर्दियों और गर्मियों में भी बखूबी लिया जा सकता है। चाहे कितने ही कप पियें, यह नुकसान नहीं करती।