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गुणों से भरपूर अलसी के बीज खाये और सेहत बनाये
March 29, 2019 • Varnita Garg

इस बात का ध्यान रखें कि आप कोई भी अच्छी चीज खाएं तो उसे सही तरीके से खाएं, जिससे वह आपको फायदा पहुंचा सके।यह जानना जरूरी है कि आप अलसी को किस तरह खाएं। तो हम बताते हैं. आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं लेकिन स्वाद बढ़ाने के लिए अलसी के बीज को 5 मिनट तक भून लें. भूने अलसी के बीज (Roasted Flax Seeds) को ग्राइंडर में पीस लें।अब आप रोज इसे पाउडर को एक चम्मच ले सकते हैं।

फायदे ही नहीं नुकसान भी पहुंचा सकती है अलसी:-

  • अलसी खाएं तो जरा संभल कर। कुछ बातों को ध्यान में रखकर खाये।
  • अलसी झड़ते बालों के लिए काफी फायदेमंद है। अलसी आपके लिए रामबाण साबित हो सकती है।
  • अलसी सही मात्रा में खाई जाए तो इससे कब्ज दूर हो सकता है।
  • अलसी के बीज के फायदे और नुकसान के बारे में जाने बिना अगर आप उन्हें इस्तेमाल कर लेते हैं तो यह आपको सही लाभ से दूर रख सकता है। कोई भी चीज हो, भले ही वह सेहत के लिए कितनी ही फायदेमंद क्यों न हो जब तक उसे सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जाएगा वह लाभ नहीं देती। इसलिए अगर आपने भी अलसी के बारे में सुना है और आप इसके फायदे और नुकसानजानना चाहते हैं तो हम आपको बताते हैं. अलसी आपके झड़ते बालों, वजन कम  करने में मदद कर सकती है।कई बार गर्भवती महिलाएं इस सवाल का जवाब तलाशती हैं कि क्या अलसी के बीज गर्भवती महिलाओं को खाने चाहिए। लेकिन यह समझना जरूरी है कि इन फायदों के लिए आप अलसी के बीजों को कैसे खाएं ।

क्या हैं अलसी के नुकसान :-
लूजमोशंस:- अगर अलसी सही मात्रा में खाई जाए तो इससे कब्ज दूर हो सकती है, लेकिन अगर ज्यादा मात्रा में ले ली जाए तो यह लूज-मोशन भी कर सकती है।
आंतों में ब्लॉूकेज :- पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लिए बिना जरूरत से ज्याअदा अलसी खाने से आंतों में ब्लॉएकेज आ सकता है।जिन्हेें पहले से ही इस तरह की श?िकायत रही है उन्हें  अलसी के बीज नहीं खाने चाहिए।
एलर्जी :- ज्यापदा अलसी खाने वाले कुछ लोग एलर्जी की शिकायत भी करतेहै। ज्यादा अलसी खाने से सांस लेने में रुकावट, लो ब्लशडप्रेशर और तीव्रग्राहिता जैसे एलर्जिकरिएक्शहन हो सकते हैं। यही नहीं घबराहट, पेट में दर्द और उल्टीु की शिकायत भी हो सकती है।
अगर प्रेग्नेंकट होना चाहती हैं :- अलसी के बीज एस्ट्रोजजन की तरह काम करते हैं और जो महिलाएं रोजाना अलसी के बीज खाती हैं उनके पीरियड साइकिल में बदलाव आ सकता है। इसके अलावा जो महिलाएं हार्मोनलदिक्कोतों जैसे कि पॉलिसिस्टिैक ओवरी सिंड्रोम, यूटरिन फायब्रॉयड्स, यूटरिन कैंसर और ओवरी कैंसर से जूझ रही हैं। उन्हें अलसी को अपनी डाइट में शामिल करते वक्तं सावधानी बरतनी चाहिए। ज्यादा मात्रा में अलसी खाने से इन दिक्कततों की वजह से बांझपन का खतरा बढ़ सकता है।



क्या है अलसी के फायदे :-
वजन कम करने के लिए :- अलसी के बीज से मोटापा कम होता है। अलसी में डाइटरी फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इस वजह से अलसी खाने पर जल्दी भूख नहीं लगती। अलसी का फाइबर पेट के लिए लाभदायक बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। जिससे उपापचय की दर तेज होती है। इससे ज्यादा कैलोरी बर्न होती है।
अलसी में पाए जाने वाले पोषक तत्व :- अलसी के बीज में प्रोटीन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, फोस्फोरस, विटामिन बी काम्प्लेक्स, कैल्सियम, विटामिन सी, विटामिन ई, मैगनिशियम, मैगनीस, कॉपर, जिंक, सेलेनियम, फाइबर, कैरोटीन तत्व पाए जाते है।
अलसी बालों के लिए :- अलसी Omega 3 fatty acids का बढ़िया स्रोत है। ये फैटीएसिड्स बालों की अच्छीग्रोथदेताहै।अलसी का सेवन बालों की जड़ों से लेकर सिरों तक को पोषण देता है। इससे बाल लम्बे और मजबूत होते हैं इसलिए कम टूटते-झड़ते हैं. नए निकलने वाले बाल भी स्वस्थ और सुंदर होते हैं।
अलसी के फायदे स्किन के लिए:- असली के बीज खाने से शरीर को मिलने वाले ओमेगा 3 फैटीएसिड्स के फायदे स्किन के लिए भी लाजवाब हैं। यह बढती उम्र के असर जैसे झुर्रियों, महीन रेखाओं को दूर करता है। यह त्वचा के कील-मुहांसों को दूर करके स्किन को नयी चमक देता है। त्वचा का कसाव बनाये रखता है।

अलसी कैसे खायें :-

  • अलसी के साबुत बीज कई बार हमारे शरीर से पचे बिना निकल जाते हैं इसलिए इन्हें पीसकर ही इस्तेमाल करना चाहिए. 20 ग्राम (1 टेबलस्पून) अलसी पाउडर को सुबह खाली पेट हल्के गर्म पानी के साथ लेने से शुरूआत करें।
  • आप इसे फल या सब्जियों के ताजे जूस, दही और छाछ में मिला सकते हैं या अपने भोजन में ऊपर से बुरक कर भी खा सकते हैं। इसे रोटी, पराठे, दलिया बनाते समय भी मिलाया जा सकता है।
  • अलसी के बीज हल्का भून कर खाएं अथवा सलाद या दही में मिलाकर खाएं, चाहे तो जूस में मिलाकर पियें।यह जूस के स्वाद को बिना बदले उसकी पोषकता कई गुना बढ़ा देगा।एक दिन में 2 टेबलस्पून (40 ग्राम) से ज्यादा अलसी के बीज का सेवन न करें।