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क्यों जरूरी है सुबह का नाश्ता
April 24, 2019 • Sonal Kalra

सुबह का नाश्ता दिन के शुरूआत का पहला आहार होता है। यह बहुत जरुरी है और उठने के बाद घंटे के अंदर कर लेना चाहिए। कुछ लोग इसे बिल्कुल महत्व नहीं देते। विशेष कर महिलाएं सुबह उठने के बाद बिना कुछ खाए , बिना रुके  4-5 घंटे तक घर के काम में लगी रहती है।
यह बहुत नुकसानदायक होता है। इससे कुछ समय बाद बहुत कमजोरी महसूस होने लगती है। गुस्सा भी आता रहता है और चिड़ भी मचती रहती है। हाथ पैर कांपने लगते है।


इसी प्रकार कुछ लोग आॅफिस जाने की जल्दी के कारण या देर से उठने के कारण  सुबह का नाश्ता नहीं कर पाते। कुछ लोग सिर्फ चाय पीते रहते है इसलिए नाश्ता नहीं करते। कुछ लोग भूख नहीं होने का बहाना बना कर सुबह का नाश्ता टाल देते है। लेकिन सुबह नाश्ता नहीं करने के बहुत से शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकते है। यदि आपको बेवजह थकान और कमजोरी महसूस होती है और ऐसा लगता है की कुछ याद नहीं रहता तो हो सकता है कि यह सुबह नाश्ता नहीं करने के कारण होता हो। कुछ दिन सुबह नियमित पौष्टिक नाश्ता लेकरदेखें। हो सकता है कि समस्या का समाधान हो जाये।

सुबह का नाश्ता नहीं करने के नुकसान :-
- नाश्ता नहीं करने का मतलब है कि पिछले दिन रात को किये गए भोजन के बाद से पेट में कुछ नहीं गया।
यानि लगभग 12 -14 घंटे से शरीर को और दिमाग को पोषक तत्व नहीं मिले है। नाश्ता नहीं करने से ब्लड शुगर लेवल पर असर पड़ता है। गुस्सा आने लगता है , चिड़ सी मचने लगती है ।  यह खुद के लिए और घर या आॅफिस के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
- ऐसा ब्लड में शुगर कम होने की वजह से होता है। जब ब्लड शुगर लेवल कम होता है तो गुस्सा आना स्वाभाविक होता है क्योकि इसके असर से थकान भी लगती है और सोचने समझने की शक्ति पर भी असर पड़ता है। नाश्ता समय से करने से गुस्सा और चिड़चिड़ाहट से बचा जा सकता है।

कुछ लोगों को सुबह काम की  अत्यधिक व्यस्त? :-
सुबह नाश्ते में पौष्टिक चीजें शामिल करनी चाहिए जिसमे प्रोटीन , विटामिन , खनिज , काबोर्हाइडेट  तथा फाइबर का अच्छा मेल हो।
—   दूध , दही , छाछ ले सकते है। ये फुल फैट युक्त ना हो।   दही से रायता बना कर खाये।
—  छाछ के साथ बाजरे की राबड़ी या जौ की राबड़ी अच्छे  विकल्प है।
—  पोहा
—  उपमा
—  इडली
—  अंकुरित चने , मूंग  या अंकुरित अनाज
—  खमन ढ़ोकला
—  आजकल ओट्स का बहुत चलन है।  बाजार के कई प्रकार के ओट्स मिलने लगे है। इन्हें ले सकते है।
—  कॉर्न फ्लेक्स और दूध अच्छा नाश्ता है।
—  ड्राई फ्रूट्स  , मेवे
—  दलिया , खिचड़ी
—  हर मौसम में अलग फल आता है। खट्टे फल के अलावा दूसरे फल नाश्ते में शामिल किये जा सकते है।
—  फलों से बने शेक या सलाद आदि बना कर नाश्ते में ले सकते है।
—  व्हीट ब्रेड या इससे बने सैंडविच
—  ब्राउन राइस
सर्दियों के मौसम में आयुर्वेदिक पौष्टिक नाश्ते बना कर अवश्य खाने चाहिए। ये बहुत लाभदायक होते है तथा पूरे वर्ष भर इनका फायदा शरीर को मिलता रहता है। नीचे दिए नाश्ते पर क्लीक करके इन्हें बनाने की विधि जान सकते है।



जैसे :-
—  मूंगफली की चिक्की ,
—  गोंद के लडडू ,
—  मेथी के लडडू ,
—  गाजर का हलवा
—  बादाम का हलवा
—  पिस्ते बादाम वाला स्पेशल दूध
—  खसखस बादाम के लडडू
—  तिल पपड़ी या तिल के लडडू
—  मिक्स आटा बर्फी आदि।
 
सुबह के नाश्ते में क्या नहीं लें :-
जैसा की अब हमें पता है कि सुबह का नाश्ता पौष्टिक होना चाहिए इसलिए अधिक तेल-घी से बना, तला हुआ , तेज मिर्च मसाले वाला तथा मैदा से बना हुआ नाश्ता ना लें। बाजार में मिलने वाले कचोरी, समोसा, बर्गर, पकौड़ी, भुजिया, नमकीन आदि नुकसान दे सकते है। घर पर भी रोजाना नाश्ते में ढेर सारा घी डालकर कर बनाये गए पराठे , पूरी या चाट पकौड़ी आदि से नुकसान हो सकता है।