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उम्र आपको कुछ हासिल करने से कभी नहीं रोकती : आभा जैन
February 21, 2019 • Tarun Kumar Nimesh

सफलता अपनी कहानी यूं ही बयां नहीं करती है जैसे-जैसे आदमी कठिन परिश्रम करता है वैसे-वैसे सफलता की ओर निरंतर बढ़ता जाता है इसी प्रकार की एक अमिट छाप छोड़ देने वाला व्यक्तित्व और प्रतिभा की धनी जी हाँ हम बात कर रहे हैं आभा जैन की। आज हम जानेंगे आभा की कहानी उन्हीं की जुबानी।

आभा जैन से सवाल है कि उनकी कैरियर की शुरूआत कहां से हुई?
मुझे खुशी है कि आपने मुझे अपनी मैगजीन के लिए साक्षात्कार का मौका दिया। वैसे तो मैने बहुत से व्यवसाय बदले हैं पर मॉडलिंग और एक्टिंग के क्षेत्र में 2018 में ही आना हुआ। जब मुझे मुंबई में 21 अप्रैल 2018 को देश-विदेश के काफी कंटेस्टेंट्स में से मिसेज इंडिया पैसिफिक क्लासिक 2018 फर्स्ट रनरअप चुना गया।

हमारे पाठक जानने चाहेंगे कि आपकी प्राथमिक शिक्षा कहां हुई और आपने किस मोड़ पर अपने जीवन का लक्ष्य तय किया?
मेरी प्राथमिक शिक्षा राजस्थान के बहुत छोटे से कस्बे सूरौठ से हुई है, वहां से मैंने अपनी दसवीं तक की शिक्षा पूरी की। उसके बाद राजस्थान के हिंडौनसिटी एवं भुसावर विद्यापीठ से मैंने अपनी ग्यारहवीं एवं बारहवीं की पढ़ाई विज्ञान विषय से पूरी की। मैंने अपनी स्नातक की पढ़ाई जीव विज्ञान से श्री सत्य साईं कॉलेज फोर वूमेन जयपुर और स्नातकोत्तर, दर्शनशास्र से राजस्थान विश्व विद्यालय से किया। इसके बाद बी.एड. की ट्रेनिंग मैंने भुसावर विद्यापीठ से की।


आपकी सफलता जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका किसकी रही?
वास्तव में तो मैं एक सेल्फमेड व्यक्तित्व हूं। बचपन से आज तक विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानकर मैंने हर वो चीज हासिल की जिसकी मुझे चाह थी परन्तु जैसे अकेला चना भाड़ नहीं भूंज सकता वैसे ही कभी ना कभी आपको अपनी मंजिÞल पाने ये लिए किसी ना किसी की मदद और सहारे की जरूरत होती है। मेरे पति ने मुझे किसी भी चीज को करने के लिए कभी मना नहीं किया, भले ही वो मेरी कुछ मदद नहीं कर पाए पर उनकी सहमति मेरे लिए नैतिक सहायता थी जो एक इंसान की कामयाबी में बहुत बड़ी भूमिका अदा करती है। उसके बाद मेरी 11 साल की बेटी की मेरी कामयाबी में अहम भूमिका रही। जिसने मुझे हर संभव सहायता और मोरल सपोर्ट दिया। मैं ये गर्व से कह सकती हूं कि मेरे पति और बच्चों ने मुझे यहां तक पहुंचने में पूरा सहयोग दिया।

आज लोग आपको जानते और पहचानते हैं, यह देखकर आपको कैसा महसूस होता है?
मेरे लिए एक कामयाब नारी ही नहीं सेलेब्रिटी बनना बहुत बड़े गर्व की बात है। जिसे आज राजस्थान, महाराष्ट्र और तेलंगाना में लोग नाम से जानते हैं। जब मुझे ज्यूरी और मुख्य अतिथि के लिए बहुत सारे कार्यक्रमों मैं बुलाया जाता है और लोग मेरे साथ सेल्फी लेने और फोटो खिंचवाने के लिए आतुर रहते हैं। मुझे सम्मान देते हैं तो अपने आप पर गर्व महसूस होता है। ये मेरी लगन, मेहनत और कभी हार ना मानने का ही परिणाम है। मैं अपने बचपन से ही ईश्वर की कृपा से बहुत ही सक्रिय, आत्मविश्वास से भरी, साहसी, कभी हार नहीं मानने वाली, कठीन परिश्रम करने वाली बहुमुखी प्रतिभा की धनी रही हूं।

जिंदगी के अपने लक्ष्य को पाने के लिए आपने दिन रात मेहनत की, क्या अभी वह सपना अधूरा है?
जी हां, मैंं एक मंजिÞल पर पहुंचकर रुक जाने वाले व्यक्तित्व में से नहीं हूं। बल्कि जिÞन्दगी में हर क्षण कुछ नया करने, आगे बढ़ने और दूसरी मंजिÞल पर पहुंचने के लिए सीखने और मेहनत करने में विश्वास करती हूं। जो रुक जाता है वो जिÞन्दगी में पिछड़ जाता है। मॉडलिंग और एक्टिंग मैं कैरियर बनाने के लिए प्रयासरत हूं। भगवान ने चाहा तो जल्दी ही आप मुझे बड़े पर्दे एवं छोटे पर्दे पर देखेंगे। एक शायर और लेखक होने की हैसियत से अपने शब्दों में कुछ कहना चाहूंगी।

"मंजिलों का कारवां बनाना है अभी,
अधूरा सा है कुछ उसे पाना है अभी।
सफलता रुकने का नाम नहीं है हुजूर,
बहुत सी कामयाबियों को गले लगाना है अभी।''

 

आपके सबसे ज्यादा सपोर्ट और सहयोग कहां से मिला?
जैसे कि मैंने आपको बताया मेरी बेटी मेरी हर सफलता में भागीदार है। मोरल सपोर्ट से लेकर मेरी हर तरह की मदद उसने की, जब भी मैं थोड़ी भी हार मानने लगती थी वो मेरा हौसला बढ़ाती थी। मेरी फिटनेस कोच, पर्सनल ग्रूमर, रैंप वॉक ट्रेनर, फैशन डिजाइनर और मेंटोर थी। वो 11 साल की है पर बहुमुखी प्रतिभा की धनी है और मुझे उस पर गर्व है। उसने मुझे सबसे ज्यादा सपोर्ट और सहयोग किया।

अभी तक कौन-कौन से सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है?
सौन्दर्य प्रतिस्पधार्ओं में मिसेज इंडिया पेसिफिक क्लासिक 2018 फर्स्ट रनर अप, मिसेज इंडिया पैसिफिक क्लासिक 2018 द बेस्ट स्माइल, एम्प्रेस यूनिवर्स एलिगेंस २०१८ हैदराबाद, एंप्रेस यूनिवर्स एलिगेंस 2018 तेलंगाना, वूमेन आॅफ स्पेशल ऐप्रिशियेशन (महिमा चौधरी फिल्म एक्ट्रेस के द्वारा), गेस्ट आॅफ आॅनर, उदय किरण तेलुगु शॉर्ट फिल्म अवॉडर््, इसके अलावा मिस्टर एंड मिस तेलंगाना की ज्यूरी, फैशन परेड सीजन 11 और 12 की ज्यूरी, उदय किरण मेमोरियल तेलुगु शॉर्ट फिल्म अवॉर्ड्स में मुख्य अतिथि, मदर्स डे पर स्पेशल गेस्ट आदि सम्मान दिए जा चुके हैं।

आपके जीवन के रोल मॉडल कौन है तथा आप किस फिल्म स्टार की तरह बनना चाहती हैं?
मेरी जिÞन्दगी में रोल मॉडल मेरी माँ हैं जिन्होंने मुझे, सहनशीलता, विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानना, कठिन परिश्रम करना, ऊंचाई पर पहुंच कर भी जमीन पर रहना, कामयाबी को सहजता से लेना और भी बहुत गुण मेरे अंदर भरे हैं। वैसे तो मेरा खुद का एक अलग व्यक्तित्व है, में अपने आप के ऊपर गर्व करती हूं एवं खुद को प्यार करती हूं, और खुद की मेरी एक अलग पहचान है उसी को दुनिया भर में सितारा बनकर चमकाना चाहती हूं फिर भी हर इंसान अपनी जिÞन्दगी में किसी ना किसी से प्रेरणा लेता है, मैं फिल्म एक्ट्रेस और मिस वर्ल्ड प्रियंका चोपड़ा की तरह साहसी, निडर, कामयाब और सफल होना चाहती हूं। वो मेरी प्रेरणा हैं।



आपने जितनी भी कार्य किए हैं उनमें से आपके लिए सबसे बेस्ट और सबसे अच्छा अनुभव कौन सा रहा?
मेरा मानना है कि जिस काम में आपकी रुचि हो वहीं काम आपको करना चाहिए और व्यवसाय की तरह अपनाना चाहिए क्योंकि वही काम आपके सफलता के द्वार खोलता है, वो काम आप अपनी रुचि से और मन लगाकर करते हो। मेरी रुचि शुरूआत से ही ग्लैमर वर्ल्ड और मीडिया में रही, मैं बचपन से ही भगवान की कृपा से बहुमुखी प्रतिभा की धनी रही हूं। नृत्य, गायन, अभिनय, लेखन, चित्रकारी इन सब की तरफ रुझान रहा यानी एक कलाकार के सारे गुण मौजूद हैं मेरे अंदर।
अभी हाल में ही मिसेज इंडिया पैसिफिक और एंप्रेस यूनीवर्स के क्राउन जीतने का अनुभव मेरी जिÞन्दगी के सबसे अच्छे अनुभवों में से एक हैं। में गरीबी रेखा से नीचे आने वाली लड़कियों को निशुल्क कोर्स अपने सलून में मुहैया करती हूं एवं काफी समाज सेवा के कार्यों से जुड़ी हुई हूं। सारे कार्य मुझे बहुत ही आनन्द कि अनुभूति देते हैं।

नई पीढ़ी को कोई ऐसा संदेश देना चाहेंगी जिनसे वह प्रेरित हो सके?
जी हां।  अब तो मैं प्रेरणा का स्त्रोत हूं सभी महिलाओं के लिए जो अपनी उम्र को लेकर ये सोचती हैं कि वो अब कुछ नहीं कर सकती या फिर मोटापा आने के बाद उन्हें वजन करना असम्भव सा लगता है, या फिर घर, परिवार,बच्चों की जिम्मेदारियों के साथ नौकरी करने के कारण अपने आप को समय ना दे पाना उनके कुछ ना करने की वजह है। तो उन सभी से में ये कहना चाहूंगी कि उम्र आपको कुछ हासिल करने से कभी नहीं रोकती बस आपके अंदर कुछ कर गुजरने का जज्बा होना चाहिए। पूरी मेहनत और लगन से आप कभी भी कुछ भी पा सकती हैं।
आप अपना वजन भी कड़ी मेहनत और निरंतर बिना रुके अभ्यास से, साथ में स्वस्थवर्धक पौष्टिक आहार से आसानी से कम कर सकती हैं। बस आपको बीच में कुछ भी छोड़ना नहीं है। दृढ निश्चय करके कोशिश करेंगी तो जरूर आपको सफलता मिलेगी। जो लोग समय ना मिल पाने की दुहाई देते हैं उनको सिर्फ में अपने शब्दों में ये कहना चाहूंगी कि -

वक़्त को इल्जाम ना दो बंदिशे लगाने का,
हसरतों को कैद करने का जुर्म तुमने खुद किया है।
रोंद डालो आलस को मेहनत के कदमों तले,
जिसने मंजिलों को दूर तुमसे किया है।
उड़ने दो सपनों को खुले आसमान में,
क्योंकि इच्छाओं को मारने का अपराध तुमने किया है।